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गुरूकुल पतांजलि विद्‍यापीठ  की स्थापना 2010 में हुई थीजिसका उद्देश्य ग्रामीण भारत के युवाओं के लिए शिक्षा के माध्यम से समाज के लिए एक भव्य दृष्टि-प्रगति की स्थापना करना है। आज,  हम एक और युग की दहलीज पर हैं ग्लोबल विलेज के इस युग मेंजब वैश्विक परस्पर निर्भरता और प्रतिस्पर्धा हम पर होती हैहमें अपने युवाओं को शिक्षित और प्रशिक्षित करना चाहिए ताकि वे दुनिया में सबसे अच्छे और प्रतिभाशाली हो सकें। हमें आधुनिक युग के लिए उपयुक्त अध्ययन के कार्यक्रमों की पेशकश करनी चाहिएहमें शिक्षा के उच्च स्तर बनाए रखना चाहिए 

गुरूकुल पतांजलि विद्‍यापीठ की स्थापना श्री श्रीपति यादव  द्वारा की गयी |

” उत्तिष्ठ जाग्रत प्राप्य वरात्रि वोधत ” अर्थात उठो, जागो और उच्चता को प्राप्त करो का सन्देश लिये हुए यह महाविद्यालय अपने उच्चतम लक्ष्य की ओर अग्रसर हैं |

महाविद्यालय में पुस्तकालय, वाचनालय एवं बुक बैंक की सुविधा उपलब्ध है | शिक्षणेत्तर कार्यक्रम के अन्तर्गत क्रीड़ा प्रशिक्षण, राष्ट्रीय सेवा योजना ( N.S.S.) रोवर्स/रेंजर्स कार्यक्रम में महाविद्यालय की सक्रिय सहभागिता रहती हैं |

वार्षिकोत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रामों का आयोजन एवं प्रेरिकी के माध्यम से छात्र-छात्राओं से सम्पर्क तथा महाविद्यालय के विकास के सन्दर्भ में समय-समय पर मूल्यांकन महाविद्यालय की मुख्य विशेषताएं हैं | ग्रामीण एवं पिछड़ें क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं के सर्वागीण विकास के लिये यह महाविद्यालय संकल्पित एवं प्रतिबद्ध हैं |